भारतीय मुक्केबाज पूरी दूनियां भर में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं ऐसी हीं एक खबर आई है,
जिसमें पता चला है कि भारतीय सुपर मिडलवेट मुक्केबाज शिवा ठकरान ने मलेशिया में नॉकआउट (TKO) जीत हासिल करने के बाद WBC एशिया कॉन्टिनेंटल चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया है।
भारतीय मुक्केबाज शिवा ठकरान ने बीते बुधवार को पूर्व दक्षिण पूर्व एशियाई खेलों के पदक विजेता पर आठवें दौर की स्टॉपेज जीत के साथ,
एशियाई प्रो मुक्केबाजी सर्किट में अपनी जीत से भारतीयो में खुशी की लहर पैदा कर की।
यह जानना दिलचस्प है कि इस लड़ाई को लेकर बॉक्सर शिवा ठकरान तीन महीनें से ज्यादा समय का इंतजार कर रहे थे,
और ठकरान ने इस मुकाबले को सामान्य सुपर वेल्टरवेट से दो वेट डिवीजन बढ़ाए थे।
दमदार जीत के बाद शिवा ने कहा, “जब यह लड़ाई हुई थी, तो किसी ने मुझसे 6 राउंड से अधिक चलने की उम्मीद नहीं की थी,
एक केओ से जीत की तो बात ही छोड़ दें।
बहुत से लोगों ने मुझे खारिज कर दिया था क्योंकि मैं एक साल से अधिक समय से नहीं लड़ा था।”
“ठकरान ने कहा कि लोग इस भूल जाते हैं कि मैं केवल 25 वर्ष का हूं,
और मैंने अपने करियर की शुरुआत भारत में प्रो बॉक्सिंग के बहुत पहले की शुरु कर दी थी,
पर लोगो को जहां आपसे एमेच्योर तौर पर रहने की उम्मीद की जाती है।
अपने कैरियर में 2016 में पेशेवर बनने के बाद से, ठकरान (16-3, 8 केओ) ने भारतीय प्रो बॉक्सिंग सर्किट में अच्छा प्रदर्शन किया है।
पिछले दो तीन साल में कोविड के दौरान लॉकडाउन और प्रतिबंधों के कारण,
ठकरान को भी मुश्किलों को सामना करना पड़ा जिस वजह से उनकी मुक्केबाजी काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है,
कोविड के दौरान उन्हें बाहर बैठकर मुकाबलो को देखना पड़ा,
जबकि वैश्विक मुक्केबाजी में उनके साथियों ने पिछले तीन वर्षों में प्रैक्टिस से काफी अनुभव हासिल किया है।